Thursday, April 20, 2017

मुझसे मुखातिब होना

बातों में अदब ज़रा सी आ जाए तो

                                         मुझसे मुखातिब होना

“ना” बर्दाश्त करने की हिम्मत आ जाए तो

                                        मुझसे मुखातिब होना

हम जब मिले तो सिर्फ़ तुम ही 

                                        नहीं रह जाओगे

“हम” में मुझे भी शामिल कर पाए तो

                                        मुझसे मुखातिब होना



Tuesday, April 18, 2017

जवाब क्यूँ देते नही बनता?

जलजले को आफताब क्यूँ देते नहीं बनता?

लुटेरों को हिसाब क्यूँ देते नहीं बनता?

मेरे ईमान पर कई सवाल उठाने वाले

अब तुझ से एक जवाब क्यूँ देते नही बनता?

Friday, March 31, 2017

गम, तू मेरा हमदम

गम, तू मेरा हमदम

तू मुझे और सख़्त कर जा

मन के हर कण में

दर्द ही दर्द भर जा


आँसू आँखों में जो हो

छोड़ने को राज़ी ना पलके

जुदा ना हो तू दिलबर

दिल को यूँ हलका करके


तेरे साथ उठे जाम,

तेरे साथ ढले शाम

घाव जो बड़ा हो कोई,

तुझसे ही तो बने काम


गम, तू मेरा हमदम